झुकी झुकी सी नज़र बेक़रार है कि नहीं
दबा दबा सा सही दिल में प्यार है कि नहीं
तू अपने दिल की जवाँ धड़कनों को गिन के बता
मेरी तरह तेरा दिल बेक़रार है कि नहीं
वो पल के जिस में मुहब्बत जवान होती है
उस एक पल का तुझे इंतज़ार है कि नहीं
तेरी उम्मीद पे ठुकरा रहा हूँ दुनिया को
तुझे भी अपने पे ये ऐतबार है कि नहीं
कैफ़िआज़मीजीकीअन्यप्रसिधरचनाएँ
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झुकी झुकी सी नज़र
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कोहरेकेखेत
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तुम परेशां न हो (शीघ्र प्रकाशित होंगी)
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दस्तूर क्या ये शहरे-सितमगर के हो गए (शीघ्र प्रकाशित होंगी)
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दायरा (शीघ्र प्रकाशित होंगी)
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दो-पहर (शीघ्र प्रकाशित होंगी)
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दोशीज़ा मालिन (शीघ्र प्रकाशित होंगी)
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नज़राना (शीघ्र प्रकाशित होंगी)
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झुकी झुकी सी नज़र बेक़रार है कि नहीं (शीघ्र प्रकाशित होंगी)
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मकान (शीघ्र प्रकाशित होंगी)
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मशवरे (शीघ्र प्रकाशित होंगी)
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मैं ढूँढता हूँ जिसे वो जहाँ नहीं मिलता (शीघ्र प्रकाशित होंगी)
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पत्थर के ख़ुदा वहाँ भी पाए (शीघ्र प्रकाशित होंगी)
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पशेमानी (शीघ्र प्रकाशित होंगी)
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पहला सलाम (शीघ्र प्रकाशित होंगी)
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पत्थर के ख़ुदा वहाँ भी पाये (शीघ्र प्रकाशित होंगी)
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बस इक झिझक है यही (शीघ्र प्रकाशित होंगी)
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लश्कर के ज़ुल्म (शीघ्र प्रकाशित होंगी)
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वो भी सराहने लगे अरबाबे-फ़न के बाद (शीघ्र प्रकाशित होंगी)
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सदियाँ गुजर गयीं (शीघ्र प्रकाशित होंगी)
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सुना करो मेरी जाँ (शीघ्र प्रकाशित होंगी)
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सोमनाथ (शीघ्र प्रकाशित होंगी)
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नेहरू
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