ऐ ज़िन्दगी गले लगा ले – गुलज़ार

ऐ ज़िन्दगी गले लगा ले
हमने भी तेरे हर इक गम को
गले से लगाया है
है ना?

हमने बहाने से, छुपके ज़माने से
पलकों के परदे में घर भर लिया
तेरा सहारा मिल गया है ज़िन्दगी
ऐ ज़िन्दगी गले लगा ले…

छोटा सा साया था, आँखों में आया था
हमने दो बूंदों से मन भर लिया
हमको किनारा मिल गया है ज़िन्दगी
ऐ ज़िन्दगी गले लगा ले…

– गुलज़ार

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