मेरे कुछ सवाल हैं जो सिर्फ़ क़यामत के रोज़ पूछूँगा तुमसे, क्यूँकि उसके पहले तुम्हारी और मेरी बात हो सके इस लायक नहीं हो तुम ।
मेरे कुछ सवाल हैं जो सिर्फ़ क़यामत के रोज़ पूछूँगा तुमसे, क्यूँकि उसके पहले तुम्हारी और मेरी बात हो सके इस लायक नहीं हो तुम ।