नेक चलो नंदरानी उहां लगी – सूरदास

नेक चलो नंदरानी उहां लगी नेक चलो नंदारानी ॥ देखो आपने सुतकी करनी दूध मिलावत पानी ॥ हमरे शिरकी नयी चुनरिया ले गोरसमें सानी ॥ हमरे उनके करन बाद है हम देखावत जबानी ॥

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ऐसे भक्ति मोहे भावे उद्धवजी – सूरदास

ऐसे भक्ति मोहे भावे उद्धवजी ऐसी भक्ति ।  सरवस त्याग मगन होय नाचे जनम करम गुन गावे ॥  कथनी कथे निरंतर मेरी चरन कमल चित लावे ॥  मुख मुरली नयन जलधारा करसे ताल बजावे ॥

जागो पीतम प्यारा लाल – सूरदास

जागो पीतम प्यारा लाल तुम जागो बन्सिवाला ।  तुमसे मेरो मन लाग रह्यो तुम जागो मुरलीवाला ॥ बनकी चिडीयां चौं चौं बोले पंछी करे पुकारा ।  रजनि बित और भोर भयो है गरगर खुल्या कमरा ॥

बासरी बजाय आज रंगसो मुरारी – सूरदास

बासरी बजाय आज रंगसो मुरारी ।  शिव समाधि भूलि गयी मुनि मनकी तारी ॥ बा०॥ध्रु०॥ बेद भनत ब्रह्मा भुले भूले ब्रह्मचरी ।  सुनतही आनंद भयो लगी है करारी ॥ बास०॥१॥ रंभा सब ताल चूकी भूमी नृत्य कारी । 

देख देख एक बाला जोगी – सूरदास

देख देख एक बाला जोगी द्वारे मेरे आया हो ॥ध्रु०॥ पीतपीतांबर गंगा बिराजे अंग बिभूती लगाया हो ।  तीन नेत्र अरु तिलक चंद्रमा जोगी जटा बनाया हो ॥१॥ भिछा ले निकसी नंदरानी मोतीयन थाल भराया हो । 

नंद दुवारे एक जोगी आयो – सूरदास

नंद दुवारे एक जोगी आयो शिंगी नाद बजायो । सीश जटा शशि वदन सोहाये अरुण नयन छबि छायो ॥ नंद ॥ध्रु०॥ रोवत खिजत कृष्ण सावरो रहत नही हुलरायो । लीयो उठाय गोद नंदरानी द्वारे जाय दिखायो ॥नंद०॥१॥

राधे कृष्ण कहो मेरे प्यारे – सूरदास

राधे कृष्ण कहो मेरे प्यारे भजो मेरे प्यारे जपो मेरे प्यारे ॥ध्रु०॥ भजो गोविंद गोपाळ राधे कृष्ण कहो मेरे ॥ प्यारे०॥१॥

श्री राधा मोहन जी को रूप निहारो – सूरदास

श्रीराधा मोहनजीको रूप निहारो ॥ध्रु०॥ छोटे भैया कृष्ण बडे बलदाऊं चंद्रवंश उजिआरो ॥श्री०॥१॥ मोर मुगुट मकराकृत कुंडल पितांबर पट बारो ॥श्री०॥२॥ हलधर गीरधर मदन मनोहर जशोमति नंद दुलारी ॥श्री०॥३॥

देखे मैं छबी आज अति बिचित्र हरिकी – सूरदास

देखे मैं छबी आज अति बिचित्र हरिकी ॥ध्रु०॥ आरुण चरण कुलिशकंज । चंदनसो करत रंग।