हुस्ना – पीयूष मिश्रा

लाहौर के उस पहले जिले के दो परगना में पहुंचे रेशम गली के दूजे कूचे के चौथे मकां में पहुंचे

आरम्भ है प्रचण्ड – पियूष मिश्रा

आरम्भ है प्रचण्ड, बोले मस्तकों के झुंड, आज ज़ंग की घड़ी की तुम गुहार दो आन बान शान या कि जान का हो दान आज इक धनुष के बाण पे उतार दो मन करे सो प्राण दे, जो मन करे सो प्राण ले, वही तो एक सर्वशक्तिमान है कृष्ण की पुकार है, ये भागवत का … Continue reading आरम्भ है प्रचण्ड – पियूष मिश्रा