मौसम के गाँव – कुमार विश्वास

बहुत देर से
सोकर जागी
दिशा-वधू मौसम के गाँव
अतः डरी
लज्जित-सी पहुँची
छूने दिवस-पिया के पाँव!

आँखों वाली
क्षितिज-रेख पर
काला-सूरज उदित हुआ
धरती का कर
निज दुहिता के
पाँव परस कर मुदित हुआ
कम्पित शब्द-गोट ने
सहसा चला
एक ध्वनिवाही दाँव!
बहुत देर से
सोकर जागी
दिशा-वधू मौसम के गाँव

मौन-शीत पसरा
घर-आँगन की
गतिविधियाँ सिमट गईं,
किरणों की दासियाँ
कुहासे के
अनुचा से लिपट गईं
दृष्टि अराजक हुई
छा गयी
नभ से आपदकाली छाँव!
बहुत देर से
सोकर जागी
दिशा-वधू मौसम के गाँव

                                          – कुमार विश्वास

कुमार विश्वास जी की अन्य प्रसिध रचनाएँ

  • उनकी ख़ैरो-ख़बर नहीं मिलती (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • कुछ छोटे सपनो के बदले
  • खुद को आसान कर रही हो ना (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • जब भी मुँह ढक लेता हूँ (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • जाने कौन नगर ठहरेंगे (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • जिसकी धुन पर दुनिया नाचे (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • तुम्हारा फ़ोन आया है (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • तुम्हारी छत पे निगरानी बहुत है (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • तुम्हे मैं प्यार नहीं दे पाऊँगा (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • दुःखी मत हो (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • देवदास मत होना (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • नेह के सन्दर्भ बौने हो गए (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • पवन ने कहा (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • प्यार जब जिस्म की चीखों में दफ़न हो जाये (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • प्रीतो! (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • फिर बसंत आना है (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • बाँसुरी चली आओ (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • बात करनी है, बात कौन करे (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • महफ़िल महफ़िल मुस्काना तो पड़ता है (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • माँ (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • मेरे सपनों के भाग में (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • मैं तुम्हें ढूंढने स्वर्ग के द्वार तक (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • मैं तो झोंका हूँ (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • मौसम के गाँव (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • ये इतने लोग कहाँ जाते हैं सुबह-सुबह (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • रंग दुनिया ने दिखाया है (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • रूह जिस्म का ठौर ठिकाना चलता रहता है (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • विदा लाडो (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • सफ़ाई मत देना (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • साल मुबारक (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • हार गया तन-मन पुकार कर तुम्हें (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • हो काल गति से परे चिरंतन (शीघ्र प्रकाशित होगी)
  • होठों पर गंगा हो, हाथों में तिरंगा हो (शीघ्र प्रकाशित होगी)

हिंदी ई-बुक्स (Hindi eBooks)static_728x90

 

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s