हर युग को अपना ‘राम’ चाहिए – अनिल कुमार सिंह

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अनिल कुमार सिंह

anil kumar सिंह
लेखक : अनिल कुमार सिंह

लेखक परिचय

अनिल कुमार सिंह जी का जन्म 16 जून 1953 को ग़ाज़ीपुर (उत्तर प्रदेश) में हुआ। उन्होंने अपनी शिक्षा ऐम ए  और फिर डॉक्टरेट (अर्थ शास्त्र ) इलाहाबाद विश्वविध्यालय से की । उसके बाद उनका समय शिक्षा के योगदान में निकला । श्री गणेशराय स्नाकोत्तर महाविध्यालय जौनपुर में 25 वर्षों तक अध्यापन के लिए कार्यरत रहे । इसके उपरांत वह हिंदू स्नाकोत्तर महाविध्यालय जमानिया, ग़ाज़ीपुर में 13 वर्षों तक प्राचार्य पद पर कार्यरत रहे । डॉ सिंह ने जमानिया क्षेत्र के मदनपुरा गाँव को गोद लेकर यहाँ सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को संचालित किया । वह इस बीच ‘समवर्तिका’ (अर्धवार्षिक-द्विमाषिक शोध पत्रिका) के प्रधान सम्पादक भी रहे ।  आजकल वह अपने वाराणसी के निवास स्थान से ओपिनीयन पोस्ट और समकालीन सोच जैसी पत्रिकाओं के लिए लेख लिखते रहें हैं ।

प्रमुख कृतियाँ

  1. Economics of Agro Industries

  2. Globalisation and poverty

  3. Impact of Economic reforms on Agro Based Industries

  4. स्वामी विवेकानंद – कुछ छुए अनछुए पहलू

काव्यशाला द्वारा प्रकाशित रचनाएँ

 

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